
जब इंसान जवानी की दहलीज़ पर क़दम रखता है, तो जिस्म के अंदर हार्मोन्स में तेज़ बदलाव शुरू हो जाता है। इन हार्मोन्स का ज़्यादातर हिस्सा जिस्म की फ़ितरी ज़रूरतों में इस्तेमाल हो जाता है, लेकिन जो फ़ाज़िल माद्दा बच जाता है, वह कभी-कभी जिस्म से बाहर निकलने के बजाय चेहरे की सतह पर उभर आता है।
यही फ़ाज़िल माद्दा आगे चलकर कील-मुहाँसे, दाग़-धब्बे और झाइयों की शक्ल इख़्तियार कर लेता है, जिससे चेहरे की कुदरती रौनक़ मद्धम पड़ जाती है।
hamara हकीमों का यह आजमाया हुआ यूनानी नुस्ख़ा अपनाने से चेहरा फिर से साफ़, शफ़्फ़ाफ़ और निखरा हुआ नज़र आने लगता है।
🌸 नुस्ख़ा (Ingredients)
- रीठा (गुठली निकालकर केवल छिलका)
- हल्दी
- कलमी शोरा
तीनों चीज़ों को बराबर मात्रा में लेकर अच्छी तरह महीन पीसकर पाउडर बना लें और 00 साइज कैप्सूल में भर लें।
📌 तरीक़ा-ए-इस्तेमाल
👉 रोज़ाना तीन बार
- सुबह
- दोपहर
- शाम
हर बार एक कैप्सूल सादा पानी के साथ लें।
🌟 फ़ायदे
✔ कील-मुहाँसे धीरे-धीरे ख़त्म होते हैं
✔ चेहरे के दाग़-धब्बे हल्के पड़ते हैं
✔ स्किन साफ़ और स्मूद होती है
✔ चेहरे पर कुदरती नूरानी चमक आती है
👨⚕️ Dr. Hakim M. Wasilm
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